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परिचय

               सीमा शुल्क तथा उत्पाद शुल्क आयुक्तालय पुणे के विभाजन के बाद , सीमा शुल्क आयुक्तालय पुणे का निर्माण जुलाई १९९७ मे हुआ । सीमा शुल्क आयुतालय पुणे जो सीमा शुल्क मुंबई III के अधिकार क्षेत्र मे था वह २६ जुलाई २००७ से सीमा शुल्क तथा उत्पाद शुल्क पुणे क्षेत्र के अधिकार मे समाविष्ट है । सीमा शुल्क आयुक्तालय पुणे का अधिकार क्षेत्र महाराष्ट्र के कुल ७ राजस्व ज़िलो मे फैला है । वह ज़िले हैं - पुणे, सातारा, कोल्हापुर, सांगली , सोलापुर, रत्नागिरी तथा सिंधुदुर्ग ।

              इस आयुक्तालय मे कुल चार अंतर्देशीय कंटेनर डिपो हैं । यह डिपो तलेगाव, दीघी, पिंपरी तथा चिंचवड मे स्थित हैं । इसके अलावा सीमा शुल्क मण्डल कार्यालय दापोली, रत्नागिरी तथा सिंधुदुर्ग के अधिकार क्षेत्र मे कुछ छोटे बंदरगाह समाविष्ट हैं जहां से आयात तथा निर्यात गतिविधियां होती हैं । यह छोटे बंदरगाह दाभोल, केलशी, बाणकोट, जयगड़, रणपार, विजयदुर्ग तथा रेडी मे स्थित हैं ।

जनवरी १९९७ से पुणे विमानतल को निर्यात के लिए सीमा शुल्क विमानतल घोषित किया गया है । १२ दिसम्बर २००५ से पुणे विमानतल को यात्री एवं सामाग्री के निकास हेतु अंतरराष्ट्रीय विमानतल सूचित किया गया है ।

            सीमा शुल्क आयुक्तलय पुणे मे यह कार्य किए जाते हैं :-

१) तस्कर विरोधी एवं निवारन कार्य - खबर संकलन, राह तथा सागरी गस्त, मालवाही जहाज़ की खोज एवं जांच
२) अन्तर्देशीय कंटेनर डेपों मे आयात पत्र तथा लदान पत्र का अंकलन
३) एन दी पी एस विधि १९८५ का आचरण
४) जहाज़ी विभाग द्वारा समुद्री गस्त कार्य के लिए विभागीय नौकाओ की देखभाल तथा मरम्मत
५) बेतार विभाग द्वारा आयौक्तालय के सभी कार्यालयो मे संपर्क रखना


क्षेत्रिय कार्यालये


अन्तर्देशीय कंटेनर डेपों, पिंपरी

अन्तर्देशीय कंटेनर डेपों पिंपरी की स्थापना , सार्वजनिक अधिसूचना ४/९० (१५/०६/१९९०) के तहत हुई थी । यहा का अभिरक्षक केन्द्रीय भंडार प्राधिकरण है । इस आय सी दी के द्वारा आयात होनेवाले माल मे लोह , इस्पात , प्लास्टिक तथा विद्युत उपकरण तथा उसके पुर्जे समाविष्ट हैं । यहाँ से वाल्व तथा हुब का निर्यात होता है ।

अंतर्देशीय कंटेनर डिपो, दीघी

अंतर्देशीय कंटेनर डिपो दीघी की स्थापना आयुक्तालय की अधिसूचना ४/९८ (३०/०९/१९९८) के तहत हुई थी तथा यहाँ का कार्य १२/१०/१९९८ से आरंभ हुआ । यहाँ का अभिरक्षक डायनामिक लॉजिस्टिक्स है । इस आय सी दी के द्वारा आयात होनेवाले माल मे पी व्ही सी रेसिन, उपकरण, खनिज पदार्थ, लोह तथा इस्पात समाविष्ट हैं । यहाँ से डीजल इंजिन , बोइलर, मोटर पुर्जे, आदि का निर्यात होता है ।

अंतर्देशीय कंटेनर डिपो, चिंचवड

अंतर्देशीय कंटेनर डिपो चिंचवड की स्थापना आयुक्तालय की आदिसूचना १/२००३ (१७/१/२००३ के तहत हुई थी तथा यहाँ का कार्य २१/०३/२००३ से आरंभ हुआ । यहाँ का अभिरक्षक कोंकोर है। इस आय सी दी के द्वारा आयात होने वाले माल मे भारी धातु कतरन , पोलयविनिल क्लोराइड ग्रानूल , असबेसटोस शीट आदि समाविष्ट हैं ।

अंतर्देशीय कंटेनर डिपो, तलेगाव

अंतर्देशीय कंटेनर डिपो तलेगाव , नवलख उम्ब्रे, एम आय डी सी , तलेगाव, ज़िला पुणे मे स्थित है। यहाँ का अभिरक्षक , के एस एच डिस्ट्रि पार्क है ।

सीमा शुल्क मण्डल रत्नागिरी

सीमा शुल्क मण्डल रत्नागिरी की स्थापना जनवरी १९७५ मे हुई थी । इस मण्डल का अधिकार क्षेत्र , उत्तर मे जयगड़ से लेकर दक्षिण मे जयतापूर तक है । इस मण्डल मे जयगड़ तथा रणपार यह बन्दरगाह समाविष्ट हैं । जयगड़ स्थित बन्दरगाह से लोह खनिज की आयात होती है और जिंदाल स्टील वर्क्स यहाँ का अभिरक्षक है । रणपार बन्दरगाह से रसायनिक पदार्थ आयात किए जाते हैं और फिनोलेक्स यहाँ का अभिरक्षक है ।


सीमा शुल्क मण्डल सिंधुदुर्ग

सीमा शुल्क मण्डल सिंधुदुर्ग की स्थापना केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड की अधिसूचना ७८/२०१४ (१६/०९/२०१४) के तहत हुई थी । इस मण्डल का अधिकार क्षेत्र सम्पूर्ण सिंधुसूर्ग ज़िले मे फैला हुआ है । इस मण्डल मे कुल ७ छोटे बन्दरगाह हैं । वे हैं विजयदुर्ग, देवगड़, आचरा , मालवण, वेंगुर्ला, रेडी तथा किरणपानी । इन मे से विजयदुर्ग से गूदरस तथा रेडी से लोह खनिज निर्यात किया जाता है ।

सीमा शुल्क मण्डल दापोली

यह मण्डल १९९१ से दापोली से कार्यरत है । इस से पूर्व इस मण्डल का मुख्यालय महाबलेश्वर मे था । इस मण्डल का अधिकार क्षेत्र महाबलेश्वर से संगमेश्वर और बाणकोट से बोरिया बन्दरगाह तक फैला हुआ है । इस मे सातारा ज़िले के वाई तथा महाबलेश्वर तालुका और रत्नागिरी ज़िले के मंडंगद, दापोली, खेड, चिपलून, गुहागर और संगमेश्वर तालुका का समावेश है । इस मण्डल मे दाभोल, हरनाई, बाणकोट, केलशी, बोरिया तथा पालशेत जैसे छोटे ब्दनद्रगह है । इस मे दाभोल से गॅस की आयात तथा बंकोट और केलशी से बाक्साइट की निर्यात की जाती है ।

लोहगाव अंतरराष्ट्रीय विमानतल

लोहगाव अंतरराष्ट्रीय विमानतल १२ दिसम्बर २००५ से अंतरराष्ट्रीय विमानतल के स्वरूप मे आदिश्चित कियाया गया है । यहाँ से दुबई तथा सिंगापुर के लिए अंतर्राष्ट्रीय हवाई सेवाए चलती हैं ।